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Saraswati Puja 2019 | सरस्वती पूजा विधि विस्तार से जानें

Saraswati Puja 2019सरती पूजा इस साल दो िदन मानाया जा रहा हैइसकी वजह यह हैिक माघ शु पंचमी यानी बसंत पंचमी 2 िदन यानी 9 और
10 फरवरी को है। देश के कुछ भागों मचतुथ ितिथ 9 तारीख को दोपहर सेपहलेही समा हो जा रही हैऔर पंचमी ितिथ शु
हो रही हैऔर 10 तारीख को पंचमी ितिथ 2 बजकर 9 िमनट तक रहेगी।

  1. बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने के लिए सबसे पहले सरस्वती की प्रतिमा रखें.
  2. कलश स्थापित कर सबसे पहले भगवान गणेश का नाम लेकर पूजा करें.
  3. सरस्वती माता की पूजा करते समय सबसे पहले उन्हें आमचन और स्नान कराएं.
  4. माता को पीले रंग के फूल अर्पित करें, माला और सफेद वस्त्र पहनाएं फिर मां सरस्वती का पूरा श्रृंगार करें.
  5. माता के चरणों पर गुलाल अर्पित करें.
  6. सरस्वती मां पीले फल या फिर मौसमी फलों के साथ-साथ बूंदी चढ़ाएं.
  7. माता को मालपुए और खीर का भोग लगाएं.
  8. सरस्वती ज्ञान और वाणी की देवी हैं. पूजा के समय पुस्तकें या फिर वाद्ययंत्रों का भी पूजन करें.
  9. कई लोग बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का पूजन हवन से करते हैं. अगर आप हवन करें तो सरस्वती माता के नाम से ‘ओम श्री सरस्वत्यै नम: स्वहा” इस मंत्र से एक सौ आठ बार जाप करें.

 संरस्वती मां के वंदना मंत्र का भी जाप करें.

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥

शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌।
हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्‌
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्‌॥२॥

जानें क्या है साध्य योग 
साध्य योग रविवार को दिन 9 बजकर 16 मिनट तक रहेगा, उसके बाद शुभ योग लग जाएगा। साध्य योग भविष्य में अच्छी सम्भावनाओं की ओर संकेत करने वाला योग है और पूर्ण शुभ फल प्रदान करता है।

पूजा का मुहूर्त
कुंभ स्थिर लग्न दिन में 6:39 से 8:10 बजे तक,

वृष स्थिर लग्न दिन में 11:15 से दोपहर 1:11 बजे तक,

सिंह लग्न रात्रि 5:43 से 8:06 बजे तक विद्यमान रहेगा।

नए काम में मिलेगी अपार सफलता
यह किसी बीमारी का इलाज करने, देश के दुश्मनों के खिलाफ अभियान शुरू करने के लिए सही समय होता है। इसके अलावा शुभ योग में किए जाने वाले कार्य प्रसिद्धि देते हैं। ग्लैमर बनाने में यह योग अच्छा रहता है।